माईकोप्लाजमा आज ब्रायलर ब्रीडर की एक ज्वलंत समस्या है। इसके वर्टीकल ट्रांसमिशन से 20 अण्डे कम आते है। छोटे चिक्स में यह बीमारी आरम्भिक अवस्था में ही दिखाई देती है। मुँह फाड़कर साँस लेना, खच-खच की आवाज, बार- बार बीमारियों का पकड़ना, इम्यूनिटी उचित न होना, दवाईयों का ज्यादा असर न होना, ये सभी समस्याएं इसी बीमारी के कारण है। यह बीमारी कभी भी अकेले नहीं आती है, ई.कोलाई, ओ.आर.टी. आई बी, आर डी, कोराइजा, एल.पी.ए.आई ज्यादातर बीमारियाँ साथ-साथ देखने को मिलती है।








कारण:-
- Stress Conditions
- Multiage Laying Flocks
- High Stock Density
बचाव:-
- Brooding, Growing अलग जगह हो।
- Brooding, Growing Shed में Cage Two-Tier System हो।
- हवा का आवागमन अच्छा हो। पंखो की क्वालटी और मात्रा उचित हो।
- Single Farm, Single Laying is best.
N.B.
- Proper Management से आप दवाईयों के खर्चों से बच सकते हो और ज्यादा से ज्यादा अण्डे और चिक्स ले सकते हो। धीरे-धीरे सभी दवाईयाँ बेअसर हो रही है।
- Multiage Flocks में माईकोप्लाज्मा का लाईव वैक्सीन उपयोग न करें।

Dr. H.K. Rohila
Poultry Consultant, Ex-Technical Head,
Broiler Breeder, VH-Group, North India
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